दिवाली पर हिन्दी मे कविता | Diwali (Happy Deepawali 2021 Poem) Kavita in Hindi

इस पोस्ट मे शुभ दिवाली के शुभ अवसर पर Happy Diwali के लिए Diwali Kavita शेयर कर रहे है, जिसे आप अपने माता – पिता, भाई बहन, दोस्त मित्र, सगे सम्बन्धियो के साथ शेयर और Facebook, Whatsapp, Twitter पर Status अपडेट कर सकते है, और इन्हे शेयर कर सकते है, तो चलिये अब Happy Diwali Kavita – दिवाली के लिए कविता को जानते है।

दिवाली पर कविता – Happy Diwali Kavita

Happy Diwali Kavitaहर घर दीप जग मगाए तो दिवाली आयी हैं,

लक्ष्मी माता जब घर पर आये तो दिवाली आयी हैं!

दो पल के ही शोर से क्या हमें ख़ुशी मिलेंगी,

दिल के दिए जो मिल जाये तो दिवाली आयी हैं !

घर की साफ सफ़ाई से घर चमकाएँ तो दिवाली आयी हैं,

पकवान मिठाई सब मिल कर खाएं तो दिवाली आयी हैं!

फटाकों से रोशनी तो होंगी लेकिन धुँआ भी होंगा,

दिए नफ़रत के बुज जाएँ तो दिवाली आयी हैं!

इस दिवाली सबके लिए यही सन्देश हैं की

इस दिवाली हम लक्ष्मी का स्वागत दियों के करे,

फटाकों के शोर और धुएं से नहीं

इस बार दिवाली प्रदुषण मुक्त मनायेंगे!

 Happy Diwali 2021 Kavita in Hindi

ये प्रकाश का अभिनन्दन है

अंधकार को दूर भगाओ

पहले स्नेह लुटाओ सब पर

फिर खुशियों के दीप जलाओ

शुद्ध करो निज मन मंदिर को

क्रोध-अनल लालच-विष छोडो

परहित पर हो अर्पित जीवन

स्वार्थ मोह बंधन सब तोड़ो

जो आँखों पर पड़ा हुआ है

पहले वो अज्ञान उठाओ

पहले स्नेह लुटाओ सब पर

फिर खुशिओं के दीप जलाओ

दिवाली पर हिन्दी कविता – हैप्पी दिवाली

जहाँ रौशनी दे न दिखाई

उस पर भी सोचो पल दो पल

वहाँ किसी की आँखों में भी

है आशाओं का शीतल जल

जो जीवन पथ में भटके हैं

उनकी नई राह दिखलाओ

पहले स्नेह लुटाओ सब पर

फिर खुशियों के दीप जलाओ

 दिवाली पर कविता हिन्दी मे

दीप जलाओ दीप जलाओ

आज दिवाली रे |

खुशी-खुशी सब हँसते आओ

आज दिवाली रे।

मैं तो लूँगा खील-खिलौने

तुम भी लेना भाई

नाचो गाओ खुशी मनाओ

आज दिवाली आई।

आज पटाखे खूब चलाओ

आज दिवाली रे

दीप जलाओ दीप जलाओ

आज दिवाली रे।

नए-नए मैं कपड़े पहनूँ

खाऊँ खूब मिठाई

हाथ जोड़कर पूजा कर लूँ

आज दिवाली आई।

 Diwali Par Kavita

जब मन में हो मौज बहारों की

चमकाएं चमक सितारों की,

जब ख़ुशियों के शुभ घेरे हों

तन्हाई में भी मेले हों,

आनंद की आभा होती है

उस रोज़ दिवालीहोती है,

जब प्रेम के दीपक जलते हों

सपने जब सच में बदलते हों,

मन में हो मधुरता भावों की

जब लहके फ़सलें चावों की,

उत्साह की आभा होती है

उस रोज दिवाली होती है,

जब प्रेम से मीत बुलाते हों

दुश्मन भी गले लगाते हों,

जब कहीं किसी से वैर न हो

सब अपने हों, कोई ग़ैर न हो,

अपनत्व की आभा होती है

उस रोज़ दिवाली होती है,

जब तन-मन-जीवन सज जायें

सद्-भाव  के बाजे बज जायें,

महकाए ख़ुशबू ख़ुशियों की

मुस्काएं चंदनिया सुधियों की,

तृप्ति की  आभा होती  है

उस रोज़ दिवालीहोती है|

Diwali Par Kavita Hindi Mein

दीपावली पर कविता हिंदी में

मनानी है ईश कृपा से इस बार दीपावली,

वहीं……… उन्हीं के साथ जिनके कारण

यह भव्य त्योहार आरम्भ हुआ …….

और वह भी उन्हीं के धाम अयोध्या जी में,

 

अपने घर तो हर व्यक्ति मना लेता है दीपावली

परन्तु इस बार यह विचित्र इच्छा मन में आई है……….

हाँ छोटी दीवाली तो अपने घर में ही होगी,

पर बड़ी रघुनन्दन राम सियावर राम जी के साथ |

 

कितना आनन्द आएगा जब जन्म भूमि में

रघुवर जी के साथ मैं छोड़ूँगा पटाखे और फुलझड़ियाँ…….

जब मैं उनकी आरती करूँगा

जब मैं दीए उनके घर में जलाऊंगा

उस आनन्द का कैसे वर्णन करूँ जो

इस जीवन को सफल बनाएगा |

 

मैं गर्व से कहूँगा कि हाँ मैने इस जीवन का

सच्चा आनन्द आज ही प्राप्त किया है

अपलक जब मैं रघुवर को जब उन्हीं के भवन में

निहारूँगी वह क्षण परमानन्द सुखदायी होंगें |

 

हे रघुनन्दऩ कृपया जल्द ही मुझे वह दिन दिखलाओ

इन अतृप्त आँखों को तृप्त कर दो

चलो इस बार की दीपावली मेरे साथ मनाओ

इच्छा जीने की इसके बाद समाप्त हो जाएगी

क्योंकि सबसे प्रबल इच्छा जो मेरी तब पूरी हो जाएगी|

Happy Diwali Kavita in Hindi

हर घर दीप जग मगाए तो दिवाली आयी हैं,

लक्ष्मी माता जब घर पर आये तो दिवाली आयी हैं!

दो पल के ही शोर से क्या हमें ख़ुशी मिलेंगी,

दिल के दिए जो मिल जाये तो दिवाली आयी हैं !

घर की साफ सफ़ाई से घर चमकाएँ तो दिवाली आयी हैं,

पकवान मिठाई सब मिल कर खाएं तो दिवाली आयी हैं!

फटाकों से रोशनी तो होंगी लेकिन धुँआ भी होंगा,

दिए नफ़रत के बुज जाएँ तो दिवाली आयी हैं!

इस दिवाली सबके लिए यही सन्देश हैं की

इस दिवाली हम लक्ष्मी का स्वागत दियों के करे,

फटाकों के शोर और धुएं से नहीं

इस बार दिवाली प्रदुषण मुक्त मनायेंगे!

Deepavali Poem in Hindi

दीपो से महके संसार

फुलझड़ियो की हो झलकार

रंग-बिरंगा है आकाश

दीपों की जगमग से आज

हँसते चेहरे हर कहीं

दिखते है प्यारे-प्यारे से

दीवाली के इस शुभ दिन पर

दीपक लगते है प्यारे से |

मुन्ना- मुन्नी गुड्डू-गुड्डी ,

सबके मन में है हसी-ख़ुशी

बर्फी पेठे गुलाब जामुन पर

देखो सबकी नज़र गड़ी

बजते बम रोकेट अनार पटाखे |

दिखते है प्यारे-प्यारे से

दीवाली के इस शुभ-दिन पर

दीपक लगते है प्यारे से |

मन में ख़ुशी दमकती है

होठो से दुआ निकलती है

इस प्यारे से त्यौहार में

आखें ख़ुशी से झलकती है

आओ मिलकर अब हम बाटें

हँसी-ख़ुशी हर चेहरे में

दीवाली के इस शुभ-दिन पर

दीपक लगते है प्यारे से |

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